भरतपुर में सगा भाई बना भाई की जान का दुश्मन, जमीन के टुकड़े के चलते टैक्टर से कुचला; भाजपा ने गहलोत सरकार को लिया आड़े हाथ

चौक टीम, जयपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में सगा भाई अपने ही भाई की जान का दुशमन बना. जिले के बयाना सदर थाना इलाके के गांव अड्डा में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के झगड़े में ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या (bharatpur murder case) कर दी. घटना को लेकर महानिदेशक पुलिस उमेश मिश्रा ने एसपी को तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए. जिसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है.

मामले को लेकर एसएचओ जयप्रकाश परमार ने बताया कि अड्डा गांव के बहादुर गुर्जर और अतर सिंह गुर्जर के बीच पिछले लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है. इसी विवाद को लेकर बुधवार सुबह करीब 8 बजे दोनों पक्ष फिर से आमने-सामने हो गए. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करने के साथ ही पथराव कर दिया. इसमें दोनों पक्षों की महिलाएं भी शामिल थीं.

एसएचओ ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली. मृतक निरपत गुर्जर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बयाना सीएचसी (bharatpur murder case) भेजा गया है.

हत्या का आरोपी गिरफ्तार

ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या के मामले मे महानिदेशक पुलिस उमेश मिश्रा ने तुरंत एसपी को स्थिति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये तथा हत्या के आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिये. जिसके चलते भरतपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या करने वाले सगे भाई को गिरफ्तार (bharatpur murder case) कर लिया गया.

थाने में दर्ज कराया था मामला

ग्रामीणों के अनुसार, झगड़े के दौरान फायरिंग की आवाज भी आई थी. आरोपी ट्रैक्टर ड्राइवर के बारे में पता लगाया जा रहा है. 21 अक्टूबर को भी बहादुर और अतर सिंह गुर्जर पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था. इस दौरान बहादुर और उसका छोटा भाई जनक गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना को लेकर बहादुर के बेटे दिनेश ने दूसरे पक्ष के अतर सिंह और उसके बेटों निरपत, विनोद, दामोदर और रिश्तेदार ब्रजराज के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज कराया था.

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने साधा निशाना

इस घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत सरकापर हमला बोला है. उन्होने कहा कि भरतपुर के बयाना क्षेत्र में युवक की सरेआम ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या की वारदात दिल दहला देने वाली है. क्योंकि मामला पुलिस के संज्ञान में था, इसलिए उस पर सवाल उठना स्वाभाविक है. यह अत्यंत निंदनीय हादसा है, जो गहलोत सरकार के कार्यकाल में उपजी आपराधिक-अराजक मानसिकता का परिणाम है.

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