राजस्थान में 67 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी का आगाज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय जम्बूरी का किया उद्घाटन

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राष्ट्रीय जम्बूरी ‘मिनी यंग इंडिया‘- राष्ट्रपति

त्याग और सेवा स्काउटिंग का विशिष्ट गुण- राज्यपाल

राष्ट्रीय जम्बूरी से देश सेवा का संकल्प और मजबूत होगा- मुख्यमंत्री

  • शौर्य-पराक्रम की धरा पर 37000 से अधिक स्काउट व गाइड का महाकुंभ
  • राष्ट्रीय जम्बूरी में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का संदेश
  • भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने किया दर्शकों को रोमांचित

पाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पाली जिले के रोहट में 18वीं राष्ट्रीय स्काउट्स एण्ड गाइड्स जम्बूरी का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति ने भारत सहित विभिन्न देशों से आए 37 हजार से अधिक स्काउट एवं गाइड का स्वागत करते हुए कहा कि युवाओं के इस सम्मेलन में नायाब जोश एवं ऊर्जा का समागम है। युवाओं की यह सभा मिनी यंग इंडिया है। उन्होंने कहा कि स्काउट तन-मन से इंसानियत एवं समाज सेवा का काम करते हैं। यह गर्व की बात है कि पूरे देश में सबसे अधिक संख्या में स्काउट साहस एवं वीरता के प्रतीक राजस्थान की भूमि से हैं।

समारोह में राष्ट्रपति ने भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स का ध्वज फहराया। बैण्ड वादन के बीच राष्ट्रपति ने जम्बूरी परेड का अवलोकन किया। देश विदेश से आए स्काउट-गाइड के विभिन्न दलों ने राष्ट्रपति के समक्ष मार्च पास्ट कर उन्हें सलामी दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स संगठन लगभग 115 वर्षों से युवाओं को प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। आजादी से पहले भी महात्मा गांधी सहित अन्य कई लोग इस संगठन के प्रशंसक रहे। उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा यह संगठन चरित्र निर्माण के लिए जो कार्य करता है, वह अद्भुत है। इस संगठन में 63 लाख से अधिक स्काउट एवं गाइड हैं। कठिन अनुशासन एवं आत्म समर्पण के साथ समाज की सेवा करने के लिए संगठन बधाई का पात्र है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि स्काउट एवं गाइड अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि समाज के हित के लिए कार्य करते हैं। नस्लवाद के विरूद्ध आंदोलन करने वाले मार्टिन लूथर किंग जूनियर, तकनीक में क्रांति लाने वाले बिल गेट्स सहित पूरे विश्व भर में ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जिन्होंने अपने जीवन में स्काउट के रूप में भी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह संगठन सार्वभौमिक मूल्यों तथा लोकाचार की भावना को युवाओं में परिपक्व करता है, जो उनकी जीवनपर्यन्त सहायता करती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स ने समाज की सेवा करने में अनुकरणीय साहस का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से हो रहे दुष्प्रभावों के तत्काल सुधारात्मक उपाय करने होंगे। अक्षय ऊर्जा को अपनाकर, कार्बन फुटप्रिंट को कम करके और सतत प्रयासों से स्काउट और गाइड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज भारत दुनिया में एक युवा देश माना जाता है। युवा राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। युवाओं को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। उन्हें भविष्य में देश और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद पर पूर्ण विश्वास के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।

स्काउटिंग का विशिष्ट गुणः त्याग और सेवा – राज्यपाल
राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय जम्बूरी का यह ऐतिहासिक आयोजन राजस्थान में होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, सेवा और समर्पण से जुड़ा यह संगठन मूलतः वसुधैव कुटुम्बकम की भारतीय संस्कृति से ही जुड़ा है। उन्होंने जम्बूरी में भारत और सार्क देशों से आए प्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए स्काउट-गाइड संगठन के सर्वकल्याण को प्राथमिकता देकर मानव सेवा को अपना ध्येय मानते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में भी स्काउट-गाइड ने अनुकरणीय कार्य कर सेवा भाव का परिचय दिया। राज्यपाल ने कहा कि त्याग और सेवा ही स्काउटिंग का विशिष्ट गुण है। इसी भाव से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जीवित वही हैं, जो दूसरों की सेवा के लिए जीते हैं।

स्काउट-गाइड बनना हमारे लिए गर्व- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति में राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी करना गौरव की बात है। स्काउट-गाइड बनना ही गर्व का विषय है। मैं स्वयं भी बचपन से स्काउटिंग से जुड़ा हूं। यहां अनुशासित रहने, समाज सेवा करने, देश की महान संस्कृति निभाने की सीख मिलती है। अलग-अलग संस्कृति, भाषा और परम्परा वाले देश में राष्ट्रीय जम्बूरी एकता का संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग से आने वाली पीढ़ियों को महान संस्कार मिलेंगे। यह हमारे भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है, जो हमेशा बनी रहेगी। यहां सीखे गए कुशल प्रबंधन से हम भविष्य की चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्रीय जम्बूरी से देश सेवा का संकल्प और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्बूरी के आयोजन में राज्य सरकार का पूरा सहयोग रहा है।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश में 12 लाख से अधिक स्काउट्स एण्ड गाइड्स हैं। अनुशासित सिपाही की तरह कार्य कर कोविड प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई है। समाज इनकी अनुकरणीय सेवाओं को सम्मान देता है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों तथा घाना, मलेशिया, सउदी अरब, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, नेपाल सहित विभिन्न देशों से आए स्काउट-गाइड और अधिकारियों का स्वागत किया।
समारोह में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने स्मृति चिन्ह भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति की जम्बूरी स्मारिका, विशेष आवरण और जम्बूरी पत्रिका का भी विमोचन किया गया। इस दौरान ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह स्थल पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।

भारतीय वायुसेना की टीम ने प्रतिभागियों को किया रोमांचित
कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के द्वारा विभिन्न फॉर्मेशन और हवाई करतब देखकर वहां मौजूद अतिथिगण, प्रतिभागी एवं जनसमूह रोमांचित हो गए। सभी ने टीम ने दिखाए करतबों आपसी समन्वय की तारीफ की तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान, राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार जैन, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त के.के. खण्ड़ेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त निरंजन आर्य सहित राष्ट्रीय व राज्य संगठन के पदाधिकारियों सहित 37 हजार से अधिक स्काउट व गाइड उपस्थित रहे।

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