विकास को भूल ये किस राह पर आ गए ‘नेताजी’?

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राजस्थान में 7 दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव का प्रचार वैसे तो प्रत्याशियों के नामांकन के साथ ही शुरू हो गया था लेकिन पिछले एक हफ्ते में इस प्रचार ने काफी जोर पकड़ा है. लगभग सभी पार्टियों के स्टार प्रचारक अपनी अपनी पार्टी के प्रत्याशी को जिताने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है लेकिन इस दौरान वे विकास से ज्यादा जुबानी हमलों पर ध्यान दे रहे है. आइये नजर डालते है प्रचारकों द्वारा एक दूसरे पर किये गए व्यक्तिगत हमलों में इस्तेमाल किये गए शब्दों पर –

हनुमानजी को भी किया शामिल – 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्थान में भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल है. उन्होंने राज्य में पार्टी के लिए प्रचार अपनी तेज-तर्रार शैली में शुरू किया था. राज्य में पहले उन्होंने 26 नवम्बर को ‘कांग्रेस को अली मुबारक हो…हम तो बजरंग बली का संकल्प ले चुके है’ का बयान दिया था और उसके अगले ही दिन उन्होंने हनुमानजी को दलित और वंचित बताया था जिसके लिए उन्हें लीगल नोटिस मिल चुका है और कांग्रेस तो इसके लिए उनकी शिकायत निर्वाचन आयोग में भी कर चुकी है.

जुबानी हमले करने में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पीछे नहीं रहे है. पहले उन्होंने वसुंधरा द्वारा अमित शाह को झुककर प्रणाम करने पर तीखा प्रहार किया था और इसके बाद उन्होंने वसुंधरा की सभा में काले रंग के कपडें बैन होने पर भी उनकी आलोचना की थी.

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट भी ‘महारानी’ शब्द के साथ लगातार वसुंधरा पर जुबानी हमले कर रहे है जिसके जवाब में वसुंधरा ने कहा था कि हम जनता के सामने महारानी-महाराजा के रूप में नहीं बल्कि बेटे-बहु के रूप में है.

नहीं भूले राफेल डील – 

राहुल गाँधी पिछले कुछ समय से राफेल डील को लेकर प्रधानमन्त्री मोदी पर ‘चौकीदार ही चोर है’ बोलकर हमले कर रहे है. पिछले हफ्ते जोधपुर ने राहुल ने कहा था कि जैसे ही में चौकीदार कहता हूँ लोग खुद ही चोर चोर बोलने लगते है.

राजस्थान चुनाव से प्रचारकों को राहुल गाँधी कि गोत्र का एक नया मुद्दा भी मिल गया है. पुष्कर में राहुल गाँधी द्वारा अपनी गोत्र का खुलासा करने के बाद वसुंधरा ने कहा था कि उन्हें अपने नाना राहुल गाँधी का नहीं बल्कि पिता राजीव गाँधी और दादा फ़िरोज़ गाँधी का गोत्र बताना चाहिए.

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