पेपर लीक घटनाओं का विरोध हुआ तेज. बेरोजगारों ने बजाया आंदोलन का बिगुल

24 दिसम्बर को सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती में सुबह 9 बजे से होने वाले जीके के पेपर के आउट होने के चलते रद्द हुई परीक्षा के बाद लगातार आंदोलन देखे जा रहे हैं. विपक्ष के साथ ही प्रदेश के बेरोजगार भी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए विरोध का रास्ता अपना रहे है. राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ की ओर से आज जयपुर के शहीद स्मारक पर विरोध प्रदर्शन करते हुए 15 सूत्री मांग सरकार के सामने रखी है. इसके साथ ही महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव ने चेतावनी दी है की अगर सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन प्रदेश स्तर पर बेरोजगारों की ओर से किया जाएगा

बेरोजगारों ने इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

1- भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( रासुका NSA ) को लागू किया जाए, जिससे इस कानून के तहत अपराधियों को 12 महीने तक जमानत नहीं हो और उन्हे कठोर सजा दी जा सके
2- भर्तियों के पेपरलीक के मामलों की जांच सीबीआई से करवाई जाए
3- पेपर लीक में पकड़ी गई बस की जांच निष्पक्ष रुप से की जाए,अभ्यर्थियों द्वारा बताया जा रहा है कि इस बस का पिछले  पेपरों की परीक्षाओ के लिए भी उपयोग किया गया था, इस एक बस के अलावा दो-तीन बसे और बताई जा रही है उनकी भी जांच की जाए,ऐसे में पहले आयोजित सभी पेपरों की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं इसलिए सभी परीक्षा पेपरों की निष्पक्ष जांच करके सेकंड ग्रेड भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया जाए
4- आरपीएससी की गोपनीयता (पेपर सेटर,प्रिंटिंग, वितरण) की निष्पक्ष जांच की जाए
5- तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 48 हजार पदों पर फरवरी में आयोजित होगी और इसके अलावा CET परीक्षा आयोजित होगी और राज्य सरकार दावा कर रही है 1 लाख पदों पर और नई भर्तियां की जाएगी, ऐसे में इन सभी भर्ती परीक्षाओ से पहले राज्य सरकार सतत धरपकड़ अभियान चलाकर प्रदेश में पनपे पेपर माफिया और गिरोह का खात्मा करे
6- युवा बेरोजगार फर्जीवाड़े,नकल और पेपर लीक को लेकर कभी भी किसी भी वक्त सीधी शिकायत कर सके जिस पर तुरंत कार्रवाई हो सके ऐसा सिस्टम स्थापित किया जाए
7- नए गैर जमानती कानून के तहत पेपर लीक में लिप्त सभी दोषियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाए

8- पेपर लीक में लिप्त दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए
9- आरपीएससी,कर्मचारी चयन बोर्ड जैसी संस्थाओं में सरकार ईमानदार निष्पक्ष और सेवानिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति करे, जिन्हे अपनी प्रतिष्ठा और जेल का डर हो
10- राज्य सरकार पेपर बाहरी प्रिंटिंग प्रेसो से ना छपवाकर राज्य सरकार खुद की प्रिंटिंग प्रेसो से ही छपवाने का कार्य करे
11- पेपर लीक में लिप्त जागृति स्कूल की मान्यता तुरंत रद्द की जाए जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे
12- पेपर लीक में लिप्त कोचिंग को जल्द से जल्द सिल की जाए
13- सेकंड ग्रेड पेपर लीक मामले की जांच अंतिम कड़ी तक की जाए और मुख्य आरोपियों को बेनकाब करके जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए
14- आगामी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होते हैं तो संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए,और सं बंधित मंत्री का इस्तीफा लिया जाए और बेरोजगारों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए
15- स्कूल व्याख्याता,एसआई भर्ती में भी एक जगह से काफी फर्जी चयनित अभ्यर्थियों कि चयनित होने की संभावना है ऐसे सभी अभ्यर्थियों की जांच करवाई जाए

महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव ने दी बड़ी चेतावनी, बेरोजगार करेगा वोट की चोट

प्रदर्शन के बाद राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि “पेपर लीक के खिलाफ जो नया कानून आया उसके बाद भी तीन भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके है. लेकिन अभी तक नये कानून के तहत कोई कार्रवाई नहीं हुई. ना तो कोचिंग माफिया के ऊपर बुलडोजर चला और ना ही कोई आर्थिक दंड दिया गया. जब तक पेपर माफियाओं का खत्मा नहीं होगा तब तक पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं रुकेगी. अगर जल्द ही इस माफिया को खत्म नहीं किया गया तो भविष्य में भी पेपर लीक जैसी घटनाएं होती रहेंगी. सरकार अगर बेरोजगारों की इन 15 मांगों को लेकर ध्यान नहीं देती है तो बेरोजगार सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे साथ ही 2023 में वोट की चोट भी करेंगे”

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